आईएएस (IAS) ऑफिसर कैसे बने

इसमें कोई शक नहीं कि बहुत से युवको के लिए जिलाधिकारी या आईएएस एक सपने की तरह है,जिसमे वे रात-दिन खोये रहते है | आज हम सब जानेगे कि एक आईएएस बनने का सफ़र कैसा होता है, कितनी मेहनत करनी होती है और कितना संघर्ष छिपा होता है | और न जाने कितने लोगो सहयोग और दुआएं साथ काम करती है | क्षेत्रो के आधार पर जिले में कई प्रकार के अधिकार होते है जोकि राज्य या राष्ट्र स्तर की परीक्षा पास करके, सर्विस ज्वाइन करते है | इसमें SDM, SP, BSA, जिला अपर अधिकारी, रजिस्ट्रार आदि शामिल है |

यूपीएससी या सिविल परीक्षा के माद्यम से आप 24 सेवाओ के लिए आवेदन कर सकते है जिसमे आईएएस, आईएफएस, आईआरएस, आईपीएस जैसे शानदार पद शामिल है|

जिंदगी के इस अनमोल मुकाम के पीछे क्या छिपा है, क्या आप भी आईएएस बनने का सपना देखते है, तो आज देखते है कि कैसे आपका सपना साकार हो सकता है और आप डीएम बन सकते है|

योग्यता

सबसे पहले आपको प्रमाण पत्रों द्वारा योग्यता का निर्धारण करना होगा जोकि सर्वोपरी है| आईएएस फॉर्म की पात्रता दो बिन्दुओ पर जाच की जाती है प्रथम है आयु सीमा और दूसरा है शैक्षिक योग्यता |

आयु सीमा

यूपीएससी ने निम्न के आधार पर आयु सीमा का वर्गीकरण किया है

केटेगरीसीमा (न्यूनतम – अधिकतम)
सामान्य21 – 32 वर्ष
OBC या अन्य पिछड़ा वर्ग21 – 35 वर्ष
SC/ST21-37 वर्ष
  • सामान्य वर्ग के छात्र 6 बार आईएएस की परीक्षा दे सकते है जोकि अधिकतम 32 वर्ष तक की उम्र सीमा तक निर्धारित है
  • OBC या अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र 9 बार आईएएस की परीक्षा दे सकते है जोकि अधिकतम 35 वर्ष तक की उम्र सीमा तक निर्धारित है
  • SC/ST वर्ग के छात्र अनगिनत बार आईएएस की परीक्षा दे सकते है जोकि अधिकतम 37 वर्ष तक की उम्र सीमा तक निर्धारित है

आयु में छूट

  • ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए 3 साल की छूट है।
  • एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए 5 साल की छूट है।
  • पीडव्लूडी वर्ग के छात्रों के लिए 10 साल की छूट का प्रावधान है।

शैक्षिक योग्यता

एक स्नातक जिसने यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से प्राप्त की हो, आईएएस परीक्षा का फॉर्म भर सकता है| इसके साथ आपका भ्रम दूर करने के लिए बता दे, डिग्री डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से प्राप्त डिग्री भी इसमें मान्य है|

नोट: भारतीय नागरिक के साथ साथ इस परीक्षा में नेपाल, भूटान के छात्रों को भी प्रतियोगी बनने का मौका दिया गया है|

परीक्षा प्रारूप

आईएएस परीक्षा को 3 चरणों में विभाजित किया गया है:-

  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
  • मेंन्स परीक्षा (Mains)
  • इंटरव्यू (Interview)

परीक्षा में हाईस्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के सवाल पूछे जाते है, जिससे सही और होनहार छात्र का ही सिलेक्शन किया जा सके| इसीलिए परीक्षा को एक उचित स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया है|

  • प्रारंभिक परीक्षा में 2 पेपर पूछे जाते है जिसमे पहला प्रश्न पत्र जनरल स्टडीज का पूछा जाता है और दूसरा प्रश्न पत्र CSAT पूछा जाता है जोकि एक अनिवार्य पेपर है| प्रारंभिक परीक्षा के अंको को मेरिट में स्थान नहीं दिया जाता और यह एक स्क्रीनिंग पेपर है, जो मात्र मेंन्स परीक्षा में बैठने के लिए लिया जाता है| यह एक ऑब्जेक्टिव प्रशन पत्र है| प्रारंभिक परीक्षा पास करने के लिए CSAT पास करना जरूरी है|
  • मेंन्स परीक्षा में निबंन्ध, सामान्य अध्यन, ऑप्शनल, कंपल्सरी भाषा के प्रश्न पत्र पूछे जाते है, इस परीक्षा के नम्बर मेरिट लिस्ट में गिने जाते है, परन्तु इसमें भी भाषा प्रशन पत्र के नम्बर नहीं गिने जाते है|
  • मेंन्स में क्वालीफाई करने वाले छात्रों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है और छात्र के पर्सनालिटी से सम्बन्धित प्रशन पूछे जाते है जोकि छात्र के आत्मविश्वाश को परखने के लिए लिया जाता है|

नोट: मेरिट लिस्ट में इंटरव्यू और मेंन्स के अंको को जोड़ा जाता है और फाइनल मेरिट लिस्ट का निर्धारण किया जाता है|

परीक्षा के लिए जरूरी जानकारी जुटाने के बाद, अब आपको आईएएस बनने के लिए ली गयी परीक्षा का स्तर का थोडा ज्ञान जरूर हुआ होगा, इसमें हमने सिलेबस नहीं दिया है आप परीक्षा सिलेबस ऑफिसियल पोर्टल या हमारे इस यूपीएससी सिलेबस पेज को चेक कर सकते है|

आईएएस परीक्षा की तैयारी कैसे करे

अब परीक्षा का प्रारूप जानने के बाद, अब आपको परीक्षा के लिए नीति पर काम करना चाहिए| आप निम्न बिन्दुओ के आधार पर अपनी स्ट्रेटेजी बना सकते है|

1: NCERT का अध्यन

आप शुरुआत के लिए एनसीआरटी बुक्स का अध्यन कर सकते है इसके आप 6 से 12 क्लास तक अपनी भाषा के अनुसार किताब ले सकते है या आप ऑनलाइन भी बुक्स पढ़ सकते है| इसके बाद, आपको आगे के विषय समझने में कोई परेशानी नहीं होगी| यह एक बेहद ख़ास बिंदु है और आपको इस पर जरूर कार्य करना चाहिए|

2: सिलेबस पर कार्य करे

अब आपको आईएएस या सिविल सेवा परीक्षा के सिलेबस पर कार्य करना चाहिए| इसमें विषय अनुसार आप शुरुआत कर सकते है| यह एक लम्बी अवधि वाला कार्य है तो आप बोरियत का अनुभाव न करे| इसमें ज्यादा फोकस करे|

3: परीक्षा के करंट अफेयर

सिलेबस के साथ, आईएएस परीक्षा में करीब 1.5 वर्षो का करंट अफेयर पूछा जाता है तो इसी अनुसार करंट अफेयर के नोट्स भी बनाते रहे| परीक्षा के चलन में करंट अफेयर का ख़ासा योगदान है और इसके बिना परीक्षा पास नहीं की जा सकती है|

4: रिवीजन और प्रैक्टिस

सिलेबस समाप्त करने के बाद आप करंट अफेयर्स और सिलेबस के नोट्स का रिवीजन करते चले| अक्सर ऐसा होता है कि सिलेबस पूरा हो जाता है परन्तु परीक्षा में हम अपने पढ़े हुए प्रश्न का भी बहुत मुस्किल से जवाब दे पाते है| ऐसा इसीलिए होता है क्युकी हमने रिविजन नहीं किया है| आप इसके साथ साथ पिछले सालो के प्रश्न पत्र भी हल कर सकते है| इससे आपको अनुभव और आत्मविश्वास दोनों मिलेगा|

5: आराम भी करे

परीक्षा का स्तर हल्का नहीं है और इसमें मेहनत भी बहुत करनी होगी, परन्तु इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपनी सेहत का ध्यान ही न रखे| ऐसा आप कतई भी न करे, क्युकी स्वस्थ शरीर में भी स्वस्थ मन होता है|

आपकी तैयारी में आपके शरीर भी किरदार बहुत अहम है और इसे नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता| आप इस बात ध्यान रखे कि पढ़ते हुए अगर आप उब महसूस कर रहे है तो आप खुले वातावरण में जा सकते है और जिस कार्य से आपको रिलैक्स फील हो, आप करे|

6: ऑप्शनल विषय

मेन्स परीक्षा में ऑप्शनल विषय चुनना एक मुस्किल काम हो सकता है और आपको इसे सावधानी से चयन करना चाहिए| यदि आपको अपने ग्रेजुएशन बिष विषय में महारत हासिल है और आप पूर्णरूप से आश्वासित है कि आपकी पकड़ विषय पर है तो आप निसंदेह अपना विषय स्नातक स्तर पर चुन सकते है| परन्तु आप यदि कंफ्यूज है, तो आपको मार्गदर्शन की जरुरत है| आप इस बात का ध्यान रखे कि आप स्वयं से कुछ भी विषय न चुने, जिसका नुकसान आपको आगे जाकर देखना पड़े|

हमे आपको आईएएस बनने के लिए बेहद महत्वपूर्ण जानकारी एक छोटे से लेख के माद्यम से बताई है और बेशक अभी बहुत सवाल हमारा इंतज़ार कर रहे होंगे| आप लेख पढने के बाद, अपने सवाल कमेंट बॉक्स में पोस्ट करे| हम जल्द से जल्द आपके सवालो का जवाब देने की कोशिश करेंगे|